वाराणसी। नौनिहालों की सुरक्षा को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रहे खटारा और बिना परमिट वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने मोर्चा खोल ...
वाराणसी। नौनिहालों की सुरक्षा को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रहे खटारा और बिना परमिट वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने मोर्चा खोल दिया है। एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन और यात्रीकर अधिकारी अखिलेश पांडेय के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान से स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया। चेकिंग के दौरान मानकों की धज्जियां उड़ाने वाले 4 वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि 7 अन्य का भारी-भरकम चालान काटा गया।
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| Purvanchal Samachar |
स्कूलों में जाकर होगा भौतिक सत्यापन
परिवहन विभाग अब केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि सीधे स्कूलों में पहुंचकर वाहनों की कुंडली खंगालेगा। प्रवर्तन दल ने स्पष्ट किया है कि विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण कर बसों और वैन का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसमें फिटनेस, परमिट और चालकों के पुलिस वेरिफिकेशन की बारीकी से जांच होगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा।
लापरवाही पर सीधे दर्ज होगी FIR
परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधनों को सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि बसों में सेफ्टी ग्रिल, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स जैसे मानक अनिवार्य हैं। आरटीओ प्रशासन ने दो-टूक कहा कि जो विद्यालय प्रबंधन बार-बार नियमों का उल्लंघन करेंगे या नोटिस के बाद भी वाहनों के कागजात दुरुस्त नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ सीधे प्राथमिकी (F.I.R.) दर्ज कराई जाएगी।
